[{"data":1,"prerenderedAt":-1},["ShallowReactive",2],{"platform-features":3,"guide-varanasi":4},true,{"sources":5,"related":10,"reviewedOn":14,"text":15},[6,7,8,9],"incredible-india","asi","indian-railways","irctc",[11,12,13],"ayodhya","rishikesh","delhi","2026-10-04",{"en":16,"hi":58,"mr":100},{"overview":17,"bestTime":18,"reachAir":19,"reachRail":20,"reachRoad":21,"stay":22,"highlights":23,"food":42,"tips":43,"faqs":48},"Varanasi, also called Kashi or Banaras, is one of the oldest continuously inhabited cities in the world and the holiest city for Hindus. Life centres on the ghats along the Ganga, where rituals, boat rides, music and the evening aarti happen every day. Nearby Sarnath, where the Buddha gave his first sermon, adds a second layer. Plan two to three days.","October to March is the most comfortable season, with Dev Deepawali in November, when the ghats are lit with lamps, especially memorable. April to June is very hot and humid, and the monsoon brings heavy rain and high river levels that can limit boat rides and ghat access.","Lal Bahadur Shastri International Airport (VNS) has flights from Delhi, Mumbai and several other cities, and it lies about 25 km from the city centre.","Varanasi Junction and Banaras stations are well connected to Delhi, Kolkata, Mumbai, Lucknow and many other cities, and several fast and overnight trains run on the Delhi route.","Varanasi is connected by highway to Prayagraj, Lucknow, Patna and Gaya, and Sarnath is a short drive from the city. Within the old city, the lanes are narrow, so you will walk or use rickshaws.","Staying near the ghats puts you within walking distance of the aarti and the old city, though lanes can be crowded and rooms small. Areas such as Cantonment and Sigra offer larger hotels with easier road access. Choose a place with clear directions, as navigating the lanes at night can be confusing.",[24,27,30,33,36,39],{"name":25,"text":26},"Dashashwamedh Ghat and Ganga Aarti","The main ghat hosts a grand evening aarti with lamps, chanting and music. Arrive early for a good view or watch from a boat.",{"name":28,"text":29},"Sunrise boat ride","A boat trip along the ghats at dawn shows the city's daily rituals, bathing and temples from the water.",{"name":31,"text":32},"Kashi Vishwanath Temple","The city's most important Shiva temple, connected to the river by a wide corridor. Expect queues and strict security.",{"name":34,"text":35},"Sarnath","The deer park where the Buddha gave his first sermon, with the Dhamek Stupa, ruins and an archaeological museum, about 10 km from the city.",{"name":37,"text":38},"Assi Ghat","A calmer ghat at the southern end, popular for yoga at dawn, music and cultural events.",{"name":40,"text":41},"Banaras Hindu University and Bharat Kala Bhavan","A large campus with a museum of Indian art and artefacts, a quiet change from the old city.","Try kachori sabzi for breakfast, tamatar chaat, lassi in clay cups, and Banarasi paan. In winter, look for malaiyo, a frothy milk dessert. The city is also known for its silk, including Banarasi sarees.",[44,45,46,47],"Respect the ghats and cremation grounds; avoid photographing funerals and follow local guidance on behaviour.","Agree the price of a boat ride before boarding, and prefer official or well-reviewed operators.","Be cautious of touts and fake guides near the temple, and check what is included in any package.","Wear comfortable footwear that is easy to remove, and carry minimal belongings in the crowded lanes.",[49,52,55],{"q":50,"a":51},"How many days are enough for Varanasi?","Two days cover the ghats, a boat ride, the aarti and the old city. Add a half day for Sarnath, and a third day if you want to slow down.",{"q":53,"a":54},"Is it safe to take a boat ride on the Ganga?","Boat rides are a standard part of a visit. Choose registered boatmen, use life jackets when offered, and avoid boating during floods or high water.",{"q":56,"a":57},"When is the best time to see the Ganga Aarti?","The evening aarti is held daily at Dashashwamedh Ghat and other ghats. It is most crowded on weekends and festivals, so arrive early or book a boat for a view from the river.",{"overview":59,"bestTime":60,"reachAir":61,"reachRail":62,"reachRoad":63,"stay":64,"highlights":65,"food":84,"tips":85,"faqs":90},"वाराणसी, जिसे काशी या बनारस भी कहते हैं, दुनिया के सबसे पुराने लगातार बसे शहरों में से एक है और हिंदुओं के लिए सबसे पवित्र नगरी है। जीवन गंगा किनारे के घाटों के आसपास घूमता है, जहाँ रोज़ अनुष्ठान, नौका विहार, संगीत और शाम की आरती होती है। पास का सारनाथ, जहाँ बुद्ध ने पहला उपदेश दिया था, एक और परत जोड़ता है। दो से तीन दिन रखें।","अक्टूबर से मार्च सबसे आरामदायक मौसम है, और नवंबर में देव दीपावली, जब घाट दीपों से जगमगाते हैं, ख़ास तौर पर यादगार होती है। अप्रैल से जून बहुत गर्म और उमस भरा रहता है, और मानसून में भारी बारिश और नदी का ऊँचा जलस्तर नौका विहार और घाटों तक पहुँच को सीमित कर सकता है।","लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (VNS) से दिल्ली, मुंबई और कई अन्य शहरों की उड़ानें हैं, और यह शहर के केंद्र से लगभग 25 किमी दूर है।","वाराणसी जंक्शन और बनारस स्टेशन दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, लखनऊ और कई अन्य शहरों से अच्छी तरह जुड़े हैं, और दिल्ली मार्ग पर कई तेज़ और रात की ट्रेनें चलती हैं।","वाराणसी राजमार्ग से प्रयागराज, लखनऊ, पटना और गया से जुड़ा है, और सारनाथ शहर से थोड़ी ही दूरी पर है। पुराने शहर के अंदर गलियाँ संकरी हैं, इसलिए आप पैदल चलेंगे या रिक्शा लेंगे।","घाटों के पास ठहरने से आरती और पुराना शहर पैदल दूरी पर रहते हैं, हालाँकि गलियाँ भीड़ भरी और कमरे छोटे हो सकते हैं। कैंटोनमेंट और सिगरा जैसे इलाक़ों में बड़े होटल हैं जहाँ सड़क से पहुँचना आसान है। ऐसी जगह चुनें जिसके रास्ते साफ़ बताए गए हों, क्योंकि रात में गलियों में रास्ता खोजना उलझन भरा हो सकता है।",[66,69,72,75,78,81],{"name":67,"text":68},"दशाश्वमेध घाट और गंगा आरती","मुख्य घाट पर दीपों, मंत्रोच्चार और संगीत के साथ भव्य शाम की आरती होती है। अच्छा नज़ारा पाने के लिए जल्दी पहुँचें या नाव से देखें।",{"name":70,"text":71},"सूर्योदय के समय नौका विहार","भोर में घाटों के किनारे नाव की सैर से पानी से शहर के रोज़ के अनुष्ठान, स्नान और मंदिर दिखाई देते हैं।",{"name":73,"text":74},"काशी विश्वनाथ मंदिर","शहर का सबसे महत्वपूर्ण शिव मंदिर, जो चौड़े गलियारे से नदी से जुड़ा है। कतारों और सख़्त सुरक्षा के लिए तैयार रहें।",{"name":76,"text":77},"सारनाथ","वह हिरण उद्यान जहाँ बुद्ध ने पहला उपदेश दिया था, जहाँ धमेख स्तूप, खंडहर और पुरातात्विक संग्रहालय हैं; यह शहर से लगभग 10 किमी दूर है।",{"name":79,"text":80},"अस्सी घाट","दक्षिणी छोर का शांत घाट, जो भोर के योग, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए लोकप्रिय है।",{"name":82,"text":83},"बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और भारत कला भवन","भारतीय कला और वस्तुओं के संग्रहालय वाला बड़ा परिसर, जो पुराने शहर से शांत बदलाव है।","नाश्ते में कचौड़ी-सब्ज़ी, टमाटर चाट, मिट्टी के कुल्हड़ में लस्सी और बनारसी पान आज़माएँ। सर्दियों में मलइयो खोजें, जो झागदार दूध की मिठाई है। यह शहर अपने रेशम, जिनमें बनारसी साड़ियाँ शामिल हैं, के लिए भी जाना जाता है।",[86,87,88,89],"घाटों और श्मशान घाटों का सम्मान करें; अंतिम संस्कार की तस्वीरें लेने से बचें और व्यवहार पर स्थानीय मार्गदर्शन मानें।","नाव में बैठने से पहले किराया तय कर लें, और आधिकारिक या अच्छी समीक्षा वाले संचालकों को चुनें।","मंदिर के पास दलालों और नक़ली गाइडों से सावधान रहें, और किसी भी पैकेज में क्या शामिल है यह जाँच लें।","आसानी से उतारे जा सकने वाले आरामदायक जूते-चप्पल पहनें, और भीड़ भरी गलियों में कम सामान साथ रखें।",[91,94,97],{"q":92,"a":93},"वाराणसी के लिए कितने दिन काफ़ी हैं?","दो दिन में घाट, नौका विहार, आरती और पुराना शहर देखा जा सकता है। सारनाथ के लिए आधा दिन जोड़ें, और आराम से घूमना हो तो तीसरा दिन रखें।",{"q":95,"a":96},"क्या गंगा में नौका विहार सुरक्षित है?","नौका विहार यात्रा का सामान्य हिस्सा है। पंजीकृत नाविक चुनें, लाइफ़ जैकेट मिले तो पहनें, और बाढ़ या ऊँचे जलस्तर में नौका विहार से बचें।",{"q":98,"a":99},"गंगा आरती देखने का सबसे अच्छा समय कब है?","शाम की आरती दशाश्वमेध घाट और अन्य घाटों पर रोज़ होती है। सप्ताहांत और त्योहारों में सबसे ज़्यादा भीड़ होती है, इसलिए जल्दी पहुँचें या नदी से देखने के लिए नाव बुक करें।",{"overview":101,"bestTime":102,"reachAir":103,"reachRail":104,"reachRoad":105,"stay":106,"highlights":107,"food":123,"tips":124,"faqs":129},"वाराणसी, ज्याला काशी किंवा बनारसही म्हणतात, हे जगातील सर्वात प्राचीन अखंड वस्ती असलेल्या शहरांपैकी एक आणि हिंदूंसाठी सर्वात पवित्र नगरी आहे. जीवन गंगेकाठच्या घाटांभोवती फिरते, जिथे रोज विधी, नौकाविहार, संगीत आणि संध्याकाळची आरती होते. जवळचे सारनाथ, जिथे बुद्धांनी पहिला उपदेश दिला, आणखी एक पदर जोडते. दोन ते तीन दिवस ठेवा.","ऑक्टोबर ते मार्च हा सर्वात आरामदायक हंगाम आहे, आणि नोव्हेंबरमधील देव दिवाळी, जेव्हा घाट दिव्यांनी उजळतात, विशेष लक्षात राहणारी असते. एप्रिल ते जून खूप उष्ण आणि दमट असतो, आणि पावसाळ्यात मुसळधार पाऊस आणि नदीची उंच पातळी नौकाविहार व घाटांपर्यंतची पोहोच मर्यादित करू शकते.","लाल बहादूर शास्त्री आंतरराष्ट्रीय विमानतळ (VNS) येथून दिल्ली, मुंबई आणि इतर अनेक शहरांतून विमाने आहेत, आणि ते शहराच्या मध्यभागापासून सुमारे २५ किमी अंतरावर आहे.","वाराणसी जंक्शन आणि बनारस स्थानके दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, लखनऊ आणि इतर अनेक शहरांशी चांगली जोडलेली आहेत, आणि दिल्ली मार्गावर अनेक वेगवान व रात्रीच्या गाड्या धावतात.","वाराणसी महामार्गाने प्रयागराज, लखनऊ, पाटणा आणि गयेशी जोडलेले आहे, आणि सारनाथ शहरापासून थोड्याच अंतरावर आहे. जुन्या शहरात गल्ल्या अरुंद आहेत, त्यामुळे तुम्ही चालाल किंवा रिक्षा वापराल.","घाटांजवळ राहिल्यास आरती आणि जुने शहर चालत जाण्याच्या अंतरावर राहतात, मात्र गल्ल्या गर्दीच्या आणि खोल्या लहान असू शकतात. कँटोन्मेंट आणि सिगरासारख्या भागांत मोठी हॉटेल्स आहेत जिथे रस्त्याने पोहोचणे सोपे आहे. स्पष्ट मार्ग सांगितलेली जागा निवडा, कारण रात्री गल्ल्यांमध्ये वाट शोधणे गोंधळात टाकणारे असू शकते.",[108,111,114,116,118,120],{"name":109,"text":110},"दशाश्वमेध घाट आणि गंगा आरती","मुख्य घाटावर दिवे, मंत्रोच्चार आणि संगीतासह भव्य संध्याकाळची आरती होते. चांगले दृश्य मिळवण्यासाठी लवकर पोहोचा किंवा नावेतून पाहा.",{"name":112,"text":113},"सूर्योदयाला नौकाविहार","पहाटे घाटांच्या काठाने केलेल्या नौकासफरीतून पाण्यावरून शहराचे रोजचे विधी, स्नान आणि मंदिरे दिसतात.",{"name":73,"text":115},"शहरातील सर्वात महत्त्वाचे शिवमंदिर, जे रुंद मार्गिकेने नदीशी जोडलेले आहे. रांगा आणि कडक सुरक्षेसाठी तयार राहा.",{"name":76,"text":117},"बुद्धांनी पहिला उपदेश दिलेले हरिण उद्यान, जिथे धमेख स्तूप, अवशेष आणि पुरातत्त्व संग्रहालय आहे; ते शहरापासून सुमारे १० किमी अंतरावर आहे.",{"name":79,"text":119},"दक्षिण टोकाचा शांत घाट, जो पहाटेच्या योगासाठी, संगीतासाठी आणि सांस्कृतिक कार्यक्रमांसाठी लोकप्रिय आहे.",{"name":121,"text":122},"बनारस हिंदू विद्यापीठ आणि भारत कला भवन","भारतीय कला आणि वस्तूंचे संग्रहालय असलेला मोठा परिसर, जो जुन्या शहरापासून शांत बदल आहे.","न्याहारीला कचोरी-भाजी, टोमॅटो चाट, मातीच्या कुल्हडातील लस्सी आणि बनारसी पान चाखा. हिवाळ्यात मलईयो शोधा, जी फेसाळ दुधाची मिठाई आहे. हे शहर बनारसी साड्यांसह रेशमासाठीही ओळखले जाते.",[125,126,127,128],"घाट आणि स्मशानभूमींचा आदर करा; अंत्यसंस्कारांचे फोटो काढणे टाळा आणि वर्तनाबद्दल स्थानिक मार्गदर्शनाचे पालन करा.","नावेत बसण्यापूर्वी भाडे ठरवा, आणि अधिकृत किंवा चांगल्या अभिप्रायांचे संचालक निवडा.","मंदिराजवळील दलाल आणि बनावट मार्गदर्शकांपासून सावध राहा, आणि कोणत्याही पॅकेजमध्ये काय समाविष्ट आहे ते तपासा.","सहज काढता येणारी आरामदायक पादत्राणे घाला, आणि गर्दीच्या गल्ल्यांमध्ये कमी सामान सोबत ठेवा.",[130,133,136],{"q":131,"a":132},"वाराणसीसाठी किती दिवस पुरेसे आहेत?","दोन दिवसांत घाट, नौकाविहार, आरती आणि जुने शहर पाहून होते. सारनाथसाठी अर्धा दिवस जोडा, आणि निवांत फिरायचे असेल तर तिसरा दिवस ठेवा.",{"q":134,"a":135},"गंगेत नौकाविहार सुरक्षित आहे का?","नौकाविहार हा भेटीचा सामान्य भाग आहे. नोंदणीकृत नावाडी निवडा, लाइफ जॅकेट मिळाल्यास घाला, आणि पूर किंवा उंच पाण्याच्या काळात नौकाविहार टाळा.",{"q":137,"a":138},"गंगा आरती पाहण्याची सर्वोत्तम वेळ कोणती?","संध्याकाळची आरती दशाश्वमेध घाट आणि इतर घाटांवर रोज होते. आठवड्याच्या शेवटी आणि सणांमध्ये सर्वाधिक गर्दी असते, त्यामुळे लवकर पोहोचा किंवा नदीवरून पाहण्यासाठी नाव आरक्षित करा."]