[{"data":1,"prerenderedAt":-1},["ShallowReactive",2],{"platform-features":3,"guide-kolkata":4},true,{"sources":5,"related":10,"reviewedOn":15,"text":16},[6,7,8,9],"incredible-india","indian-railways","unesco","imd",[11,12,13,14],"puri-konark","darjeeling","varanasi","gangtok","2026-10-04",{"en":17,"hi":59,"mr":101},{"overview":18,"bestTime":19,"reachAir":20,"reachRail":21,"reachRoad":22,"stay":23,"highlights":24,"food":43,"tips":44,"faqs":49},"Kolkata, the capital of West Bengal, is a large city on the Hooghly river that was the capital of British India until 1911. It is known for its colonial architecture, literature and arts, bookshops, street food and a strong sweet-making tradition. Plan three days, and expect a busy, crowded city with a lot of character.","October to February is the most pleasant season, with cooler and drier weather. Summers are hot and humid, and the monsoon from June to September brings heavy rain and waterlogging in places. Durga Puja, usually in September or October, is the biggest festival and a highlight, but the city is very crowded and rooms need booking well ahead.","Netaji Subhas Chandra Bose International Airport at Dum Dum has domestic and international flights. Taxis, app-based cabs and airport buses link it to the city centre, with the drive taking about an hour depending on traffic.","Kolkata has several major stations, including Howrah, Sealdah and Kolkata (Chitpur), with trains from across India. Howrah serves most long-distance routes and is across the Hooghly from the city centre, while Sealdah serves many eastern and northern suburban and long-distance routes. Check which station your train uses.","Kolkata is connected by national highways to Bhubaneswar, Siliguri, Ranchi and other cities, and buses run from several terminals. Within the city, the Metro, buses, taxis, ferries and trams are all in use.","Staying around Park Street, Esplanade or Central Kolkata keeps you close to many sights, cafes and Metro stations. South Kolkata is greener and quieter, and the Howrah side is convenient for early trains. Book early during Durga Puja and the winter season.",[25,28,31,34,37,40],{"name":26,"text":27},"Victoria Memorial","A large white marble memorial museum on landscaped grounds, built in the early twentieth century and filled with paintings, artefacts and Kolkata history.",{"name":29,"text":30},"Howrah Bridge","A steel cantilever bridge over the Hooghly, officially named Rabindra Setu, that is one of the city's best-known landmarks and carries heavy traffic.",{"name":32,"text":33},"Dakshineswar and Belur Math","The Dakshineswar Kali Temple and the Ramakrishna Math at Belur, both on the banks of the Hooghly and connected to the life of Sri Ramakrishna.",{"name":35,"text":36},"College Street and Indian Museum","A famous book market area near the universities, along with the Indian Museum, which was founded in 1814 and is one of India's oldest museums.",{"name":38,"text":39},"Kumartuli","A traditional potters' quarter where clay idols for Durga Puja and other festivals are made, best visited in the weeks before the festival.",{"name":41,"text":42},"Park Street and the trams","A lively area of cafes and old buildings, and a chance to ride the heritage trams, which run on a smaller network than in the past.","Kolkata is famous for its sweets, such as rosogolla, sandesh and mishti doi, and for street food such as kathi rolls and phuchka. Bengali meals feature fish, rice, mustard and lentil dishes, along with biryani and chai in clay cups. Vegetarian options are also widely available.",[45,46,47,48],"Use the Metro for long distances, as it is quick and avoids heavy traffic, and avoid peak hours when you are carrying luggage.","Check opening days and dress rules at temples and museums before you visit, as they vary.","During Durga Puja, expect large crowds and traffic restrictions, and plan your pandal visits early in the day or late at night.","Carry water and rain gear in the monsoon, and eat street food from busy stalls with fresh preparation.",[50,53,56],{"q":51,"a":52},"How many days are enough for Kolkata?","Three days cover the Victoria Memorial, Howrah Bridge, a river temple visit and the book and food neighbourhoods. Add more time for museums, markets and day trips.",{"q":54,"a":55},"When is Durga Puja in Kolkata?","It takes place over several days in the autumn, usually in September or October. Dates vary by year, and the festival was inscribed on UNESCO's list of intangible cultural heritage in 2021.",{"q":57,"a":58},"Is the Kolkata Metro the easiest way to travel?","It is India's oldest metro and avoids road traffic, so it is often the quickest option. Check the current network and timings, as new lines are added over time.",{"overview":60,"bestTime":61,"reachAir":62,"reachRail":63,"reachRoad":64,"stay":65,"highlights":66,"food":85,"tips":86,"faqs":91},"पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता हुगली नदी के किनारे बसा बड़ा शहर है, जो 1911 तक ब्रिटिश भारत की राजधानी था। यह अपनी औपनिवेशिक वास्तुकला, साहित्य और कला, किताबों की दुकानों, स्ट्रीट फ़ूड और मिठाई बनाने की मज़बूत परंपरा के लिए जाना जाता है। तीन दिन की योजना बनाएँ, और व्यस्त, भीड़भाड़ वाले पर बहुत चरित्र वाले शहर की उम्मीद रखें।","अक्टूबर से फरवरी सबसे सुहावना मौसम है, जब मौसम ठंडा और सूखा रहता है। गर्मियाँ गर्म और उमस भरी होती हैं, और जून से सितंबर का मानसून भारी बारिश लाता है जिससे कुछ जगहों पर जलभराव होता है। दुर्गा पूजा, आमतौर पर सितंबर या अक्टूबर में, सबसे बड़ा उत्सव और खास आकर्षण है, पर शहर में बहुत भीड़ रहती है और कमरे बहुत पहले बुक करने पड़ते हैं।","दमदम का नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों वाला है। टैक्सी, ऐप आधारित कैब और एयरपोर्ट बसें इसे शहर के केंद्र से जोड़ती हैं, और ट्रैफ़िक के अनुसार सफ़र लगभग एक घंटे का होता है।","कोलकाता में हावड़ा, सियालदह और कोलकाता (चितपुर) सहित कई बड़े स्टेशन हैं, जहाँ पूरे भारत से ट्रेनें आती हैं। हावड़ा ज़्यादातर लंबी दूरी के मार्गों को सँभालता है और शहर के केंद्र से हुगली के पार है, जबकि सियालदह कई पूर्वी व उत्तरी उपनगरीय और लंबी दूरी के मार्गों को सँभालता है। देख लें कि आपकी ट्रेन किस स्टेशन से है।","कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्गों से भुवनेश्वर, सिलीगुड़ी, रांची और अन्य शहरों से जुड़ा है, और कई टर्मिनलों से बसें चलती हैं। शहर के भीतर मेट्रो, बसें, टैक्सी, फ़ेरी और ट्राम सभी उपयोग में हैं।","पार्क स्ट्रीट, एस्प्लेनेड या मध्य कोलकाता के आसपास ठहरने से कई दर्शनीय स्थल, कैफ़े और मेट्रो स्टेशन पास रहते हैं। दक्षिण कोलकाता ज़्यादा हरा-भरा और शांत है, और हावड़ा की ओर सुबह की ट्रेनों के लिए सुविधाजनक है। दुर्गा पूजा और सर्दियों के मौसम में जल्दी बुकिंग करें।",[67,70,73,76,79,82],{"name":68,"text":69},"विक्टोरिया मेमोरियल","सजे हुए मैदान पर बना बड़ा सफ़ेद संगमरमर का स्मारक संग्रहालय, जो बीसवीं सदी की शुरुआत में बना और चित्रों, वस्तुओं तथा कोलकाता के इतिहास से भरा है।",{"name":71,"text":72},"हावड़ा ब्रिज","हुगली पर बना इस्पात का कैंटिलीवर पुल, जिसका आधिकारिक नाम रवींद्र सेतु है, शहर के सबसे जाने-माने स्थलों में से एक है और यहाँ भारी यातायात चलता है।",{"name":74,"text":75},"दक्षिणेश्वर और बेलूर मठ","दक्षिणेश्वर काली मंदिर और बेलूर का रामकृष्ण मठ, दोनों हुगली के तट पर हैं और श्री रामकृष्ण के जीवन से जुड़े हैं।",{"name":77,"text":78},"कॉलेज स्ट्रीट और भारतीय संग्रहालय","विश्वविद्यालयों के पास प्रसिद्ध पुस्तक बाज़ार, और भारतीय संग्रहालय, जिसकी स्थापना 1814 में हुई और जो भारत के सबसे पुराने संग्रहालयों में से एक है।",{"name":80,"text":81},"कुम्हारटोली","पारंपरिक कुम्हारों का मोहल्ला जहाँ दुर्गा पूजा और अन्य उत्सवों के लिए मिट्टी की मूर्तियाँ बनती हैं, जिसे उत्सव से पहले के हफ़्तों में देखना सबसे अच्छा है।",{"name":83,"text":84},"पार्क स्ट्रीट और ट्राम","कैफ़े और पुरानी इमारतों वाला रौनकदार इलाक़ा, और विरासत वाली ट्रामों में सफ़र का मौक़ा, जो अब पहले से छोटे नेटवर्क पर चलती हैं।","कोलकाता अपनी मिठाइयों, जैसे रसगुल्ला, संदेश और मिष्टी दोई, और काठी रोल व फुचका जैसे स्ट्रीट फ़ूड के लिए प्रसिद्ध है। बंगाली भोजन में मछली, चावल, सरसों और दाल के व्यंजन होते हैं, साथ में बिरयानी और कुल्हड़ वाली चाय। शाकाहारी विकल्प भी बड़े पैमाने पर मिलते हैं।",[87,88,89,90],"लंबी दूरी के लिए मेट्रो लें, क्योंकि वह तेज़ है और भारी ट्रैफ़िक से बचाती है, और सामान के साथ हों तो भीड़ के समय से बचें।","जाने से पहले मंदिरों और संग्रहालयों के खुलने के दिन और पहनावे के नियम जाँच लें, क्योंकि वे अलग-अलग होते हैं।","दुर्गा पूजा के दौरान भारी भीड़ और यातायात प्रतिबंधों की उम्मीद रखें, और पंडाल देखने की योजना दिन में जल्दी या देर रात के लिए बनाएँ।","मानसून में पानी और बारिश से बचाव का सामान साथ रखें, और स्ट्रीट फ़ूड व्यस्त ठेलों से खाएँ जहाँ ताज़ा तैयार होता है।",[92,95,98],{"q":93,"a":94},"कोलकाता के लिए कितने दिन काफ़ी हैं?","तीन दिन में विक्टोरिया मेमोरियल, हावड़ा ब्रिज, नदी किनारे का एक मंदिर और किताबों व खान-पान वाले मोहल्ले देखे जा सकते हैं। संग्रहालयों, बाज़ारों और आसपास की यात्राओं के लिए और समय जोड़ें।",{"q":96,"a":97},"कोलकाता में दुर्गा पूजा कब होती है?","यह शरद ऋतु में कई दिनों तक चलती है, आमतौर पर सितंबर या अक्टूबर में। तारीख़ें हर साल बदलती हैं, और यह उत्सव 2021 में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में दर्ज हुआ।",{"q":99,"a":100},"क्या कोलकाता मेट्रो यात्रा का सबसे आसान साधन है?","यह भारत की सबसे पुरानी मेट्रो है और सड़क के ट्रैफ़िक से बचाती है, इसलिए अक्सर सबसे तेज़ विकल्प होती है। मौजूदा नेटवर्क और समय जाँच लें, क्योंकि समय के साथ नई लाइनें जुड़ती रहती हैं।",{"overview":102,"bestTime":103,"reachAir":104,"reachRail":105,"reachRoad":106,"stay":107,"highlights":108,"food":127,"tips":128,"faqs":133},"पश्चिम बंगालची राजधानी कोलकाता हे हुगली नदीकाठचे मोठे शहर आहे, जे १९११ पर्यंत ब्रिटिश भारताची राजधानी होते. वसाहतकालीन स्थापत्य, साहित्य आणि कला, पुस्तकांची दुकाने, स्ट्रीट फूड आणि मिठाई बनवण्याची भक्कम परंपरा यासाठी ते ओळखले जाते. तीन दिवसांचे नियोजन करा, आणि गजबजलेल्या, गर्दीच्या पण खूप व्यक्तिमत्त्व असलेल्या शहराची अपेक्षा ठेवा.","ऑक्टोबर ते फेब्रुवारी हा सर्वात आल्हाददायक हंगाम आहे, ज्यात हवामान थंड आणि कोरडे असते. उन्हाळा उष्ण आणि दमट असतो, आणि जून ते सप्टेंबरचा पावसाळा जोरदार पाऊस आणतो ज्यामुळे काही ठिकाणी पाणी साचते. दुर्गापूजा, सहसा सप्टेंबर किंवा ऑक्टोबरमध्ये, हा सर्वात मोठा उत्सव आणि खास आकर्षण आहे, पण शहरात खूप गर्दी असते आणि खोल्या खूप आधी आरक्षित कराव्या लागतात.","दमदम येथील नेताजी सुभाषचंद्र बोस आंतरराष्ट्रीय विमानतळावरून देशांतर्गत आणि आंतरराष्ट्रीय उड्डाणे आहेत. टॅक्सी, अॅपवरील कॅब आणि विमानतळ बस त्याला शहराच्या मध्यभागाशी जोडतात, आणि वाहतुकीनुसार प्रवास सुमारे एक तासाचा असतो.","कोलकात्यात हावडा, सियालदह आणि कोलकाता (चितपूर) यांसह अनेक मोठी स्थानके आहेत, जिथे देशभरातून गाड्या येतात. हावडा बहुतेक लांब पल्ल्याचे मार्ग हाताळते आणि शहराच्या मध्यभागापासून हुगलीच्या पलीकडे आहे, तर सियालदह अनेक पूर्व व उत्तर उपनगरी आणि लांब पल्ल्याचे मार्ग हाताळते. तुमची गाडी कोणत्या स्थानकावरून आहे ते पाहा.","कोलकाता राष्ट्रीय महामार्गांनी भुवनेश्वर, सिलीगुडी, रांची आणि इतर शहरांशी जोडलेले आहे, आणि अनेक टर्मिनलवरून बस धावतात. शहरात मेट्रो, बस, टॅक्सी, फेरी आणि ट्राम या सर्वांचा वापर होतो.","पार्क स्ट्रीट, एस्प्लनेड किंवा मध्य कोलकात्याभोवती राहिल्यास अनेक पाहण्यासारखी ठिकाणे, कॅफे आणि मेट्रो स्थानके जवळ राहतात. दक्षिण कोलकाता अधिक हिरवे आणि शांत आहे, आणि हावडा बाजू सकाळच्या गाड्यांसाठी सोयीची आहे. दुर्गापूजा आणि हिवाळी हंगामात लवकर आरक्षण करा.",[109,112,115,118,121,124],{"name":110,"text":111},"व्हिक्टोरिया मेमोरियल","सुशोभित मैदानावरील मोठे पांढऱ्या संगमरवराचे स्मारक संग्रहालय, जे विसाव्या शतकाच्या सुरुवातीला बांधले गेले आणि चित्रे, वस्तू व कोलकात्याच्या इतिहासाने भरलेले आहे.",{"name":113,"text":114},"हावडा पूल","हुगलीवरील पोलादी कँटिलिव्हर पूल, ज्याचे अधिकृत नाव रवींद्र सेतू आहे, शहरातील सर्वात प्रसिद्ध खुणांपैकी एक आहे आणि त्यावरून जड वाहतूक चालते.",{"name":116,"text":117},"दक्षिणेश्वर आणि बेलूर मठ","दक्षिणेश्वर काली मंदिर आणि बेलूर येथील रामकृष्ण मठ, दोन्ही हुगलीच्या काठावर आहेत आणि श्री रामकृष्णांच्या जीवनाशी जोडलेले आहेत.",{"name":119,"text":120},"कॉलेज स्ट्रीट आणि भारतीय संग्रहालय","विद्यापीठांजवळील प्रसिद्ध पुस्तक बाजार, तसेच भारतीय संग्रहालय, ज्याची स्थापना १८१४ मध्ये झाली आणि जे भारतातील सर्वात जुन्या संग्रहालयांपैकी एक आहे.",{"name":122,"text":123},"कुमारटुली","पारंपरिक कुंभारांची वस्ती जिथे दुर्गापूजा आणि इतर उत्सवांसाठी मातीच्या मूर्ती बनवल्या जातात, जी उत्सवापूर्वीच्या आठवड्यांत पाहणे उत्तम.",{"name":125,"text":126},"पार्क स्ट्रीट आणि ट्राम","कॅफे आणि जुन्या इमारतींचा गजबजलेला परिसर, आणि वारसा ट्राममधून प्रवासाची संधी, ज्या आता पूर्वीपेक्षा लहान जाळ्यावर धावतात.","कोलकाता रसगुल्ला, संदेश आणि मिष्टी दोई यांसारख्या मिठायांसाठी, तसेच काठी रोल आणि फुचका यांसारख्या स्ट्रीट फूडसाठी प्रसिद्ध आहे. बंगाली जेवणात मासे, भात, मोहरी आणि डाळीचे पदार्थ असतात, सोबत बिर्याणी आणि मातीच्या कुल्हडातील चहा. शाकाहारी पर्यायही मोठ्या प्रमाणात मिळतात.",[129,130,131,132],"लांबच्या अंतरासाठी मेट्रो वापरा, कारण ती जलद आहे आणि जड वाहतूक टाळते, आणि सामान सोबत असल्यास गर्दीच्या वेळा टाळा.","भेट देण्यापूर्वी मंदिरे आणि संग्रहालयांचे उघडे असण्याचे दिवस आणि पेहरावाचे नियम तपासा, कारण ते वेगवेगळे असतात.","दुर्गापूजेदरम्यान प्रचंड गर्दी आणि वाहतूक निर्बंधांची अपेक्षा ठेवा, आणि मंडप पाहण्याचे नियोजन दिवसा लवकर किंवा रात्री उशिरासाठी करा.","पावसाळ्यात पाणी आणि पावसापासून बचावाचे साहित्य सोबत ठेवा, आणि स्ट्रीट फूड गर्दीच्या गाड्यांवरून खा जिथे पदार्थ ताजे तयार होतात.",[134,137,140],{"q":135,"a":136},"कोलकात्यासाठी किती दिवस पुरेसे आहेत?","तीन दिवसांत व्हिक्टोरिया मेमोरियल, हावडा पूल, नदीकाठचे एक मंदिर आणि पुस्तके व खाद्यपदार्थांचे परिसर पाहून होतात. संग्रहालये, बाजार आणि आसपासच्या सहलींसाठी आणखी वेळ जोडा.",{"q":138,"a":139},"कोलकात्यात दुर्गापूजा कधी असते?","ती शरद ऋतूत अनेक दिवस चालते, सहसा सप्टेंबर किंवा ऑक्टोबरमध्ये. तारखा दरवर्षी बदलतात, आणि हा उत्सव २०२१ मध्ये युनेस्कोच्या अमूर्त सांस्कृतिक वारसा यादीत नोंदवला गेला.",{"q":141,"a":142},"कोलकाता मेट्रो हा प्रवासाचा सर्वात सोपा मार्ग आहे का?","ही भारतातील सर्वात जुनी मेट्रो आहे आणि रस्त्यावरील वाहतूक टाळते, त्यामुळे अनेकदा सर्वात जलद पर्याय ठरते. सध्याचे जाळे आणि वेळा तपासा, कारण कालांतराने नव्या मार्गिका जोडल्या जातात."]