[{"data":1,"prerenderedAt":-1},["ShallowReactive",2],{"platform-features":3,"guide-khajuraho":4},true,{"sources":5,"related":10,"reviewedOn":15,"text":16},[6,7,8,9],"incredible-india","mp-tourism","unesco","asi",[11,12,13,14],"varanasi","agra","ranthambore","jim-corbett","2026-10-04",{"en":17,"hi":59,"mr":101},{"overview":18,"bestTime":19,"reachAir":20,"reachRail":21,"reachRoad":22,"stay":23,"highlights":24,"food":43,"tips":44,"faqs":49},"Khajuraho is a small town in Madhya Pradesh known for a group of medieval Hindu and Jain temples built by the Chandela dynasty roughly a thousand years ago. The temples are a UNESCO World Heritage Site, admired for their fine stone carving and graceful architecture. Only a small share of the sculptures are erotic; most show gods, musicians, dancers, animals and scenes of daily life. Plan one to two days.","October to March is the best season, with pleasant days for walking between temples. Summers are very hot, and the monsoon brings rain and green surroundings. A classical dance festival is usually held in the cooler months, often around February, but dates vary, so check with Madhya Pradesh Tourism.","Khajuraho has a small airport with flights to a few cities, and it is a short drive from the temples. Schedules change, so check current routes.","Khajuraho has its own railway station with limited services. Larger railheads such as Satna and Jhansi have more trains and are reached by road, and Jhansi is on the main Delhi to Bhopal line.","Khajuraho is connected by road to Jhansi, Satna, Panna and Orchha, and taxis and buses run on these routes. Allow plenty of time, as the roads can be slow.","Hotels and guesthouses are clustered near the Western Group of temples, which makes it easy to walk to the main sights. Options cover most budgets, and quieter stays are found toward the edge of town.",[25,28,31,34,37,40],{"name":26,"text":27},"Western Group of temples","The best-known cluster, with large temples on a raised platform, including the Kandariya Mahadeva and Lakshmana temples, and rich carvings on the walls.",{"name":29,"text":30},"Kandariya Mahadeva Temple","The largest of the Khajuraho temples, dedicated to Shiva, with a tall spire and many sculptures.",{"name":32,"text":33},"Eastern and Southern Groups","Smaller temple groups a short distance from the town, including Jain temples, that are quieter than the Western Group.",{"name":35,"text":36},"Sound and light show","An evening show held at the Western Group that tells the story of the temples. Check current timings and availability.",{"name":38,"text":39},"Panna National Park","A tiger reserve with river, forest and gorges within reach of the town. Check seasonal closures and booking rules, and remember that sightings are not guaranteed.",{"name":41,"text":42},"Khajuraho Dance Festival","A week of classical Indian dance performances against the backdrop of the temples, usually held around February.","Restaurants near the temples serve North Indian dishes, along with some international options for visitors. Look for local Bundelkhand sweets and snacks, and many places offer vegetarian thalis.",[45,46,47,48],"Dress modestly and remove footwear where temples are still used for worship, and treat the sculptures with respect.","Visit early in the morning or late afternoon to avoid the heat, and carry water and sun protection.","A guide can help explain the carvings and their meaning; use licensed guides and agree the arrangement before you start.","Combine Khajuraho with Orchha or Panna National Park, and check the current rules for the park before you plan.",[50,53,56],{"q":51,"a":52},"How many days are enough for Khajuraho?","One full day covers the Western Group and a few others. Stay two days if you want to see the Eastern and Southern Groups, the evening show or Panna National Park.",{"q":54,"a":55},"Are all the sculptures erotic?","No. Only a small part of the carvings are erotic. Most of the sculptures show gods, dancers, musicians, animals and scenes of daily life.",{"q":57,"a":58},"When is the Khajuraho Dance Festival?","It is usually held around February, but dates change from year to year. Check the official Madhya Pradesh Tourism announcements before you plan.",{"overview":60,"bestTime":61,"reachAir":62,"reachRail":63,"reachRoad":64,"stay":65,"highlights":66,"food":85,"tips":86,"faqs":91},"खजुराहो मध्य प्रदेश का एक छोटा शहर है, जो चंदेल राजवंश द्वारा लगभग एक हज़ार साल पहले बनाए गए मध्यकालीन हिंदू और जैन मंदिरों के समूह के लिए जाना जाता है। ये मंदिर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं और अपनी बारीक पत्थर की नक़्काशी और सुंदर वास्तुकला के लिए सराहे जाते हैं। मूर्तियों का केवल एक छोटा हिस्सा कामुक है; ज़्यादातर में देवता, संगीतकार, नर्तक, पशु और रोज़मर्रा के दृश्य हैं। एक से दो दिन रखें।","अक्टूबर से मार्च सबसे अच्छा मौसम है, जब मंदिरों के बीच पैदल घूमने के दिन सुहावने रहते हैं। गर्मियाँ बहुत तेज़ होती हैं, और मानसून में बारिश और हरियाली रहती है। शास्त्रीय नृत्य समारोह आमतौर पर ठंडे महीनों में, अक्सर फ़रवरी के आसपास होता है, पर तारीख़ें बदलती हैं, इसलिए मध्य प्रदेश पर्यटन से जाँच लें।","खजुराहो में छोटा हवाई अड्डा है जहाँ से कुछ शहरों के लिए उड़ानें हैं, और वह मंदिरों से थोड़ी ही दूरी पर है। समय-सारिणी बदलती रहती है, इसलिए वर्तमान मार्ग जाँच लें।","खजुराहो का अपना रेलवे स्टेशन है, जहाँ सीमित सेवाएँ हैं। सतना और झाँसी जैसे बड़े स्टेशनों पर ज़्यादा ट्रेनें हैं और वहाँ से सड़क से पहुँचा जाता है; झाँसी दिल्ली-भोपाल मुख्य लाइन पर है।","खजुराहो सड़क से झाँसी, सतना, पन्ना और ओरछा से जुड़ा है, और इन मार्गों पर टैक्सी और बसें चलती हैं। पर्याप्त समय रखें, क्योंकि सड़कें धीमी हो सकती हैं।","होटल और गेस्टहाउस मंदिरों के पश्चिमी समूह के पास हैं, जिससे मुख्य स्थलों तक पैदल जाना आसान है। हर बजट के विकल्प हैं, और शहर के किनारे की ओर ज़्यादा शांत ठिकाने हैं।",[67,70,73,76,79,82],{"name":68,"text":69},"मंदिरों का पश्चिमी समूह","सबसे जाना-माना समूह, जिसमें ऊँचे चबूतरे पर बड़े मंदिर हैं, जिनमें कंदरिया महादेव और लक्ष्मण मंदिर शामिल हैं, और दीवारों पर समृद्ध नक़्काशी है।",{"name":71,"text":72},"कंदरिया महादेव मंदिर","खजुराहो के मंदिरों में सबसे बड़ा, शिव को समर्पित, जिसमें ऊँचा शिखर और अनेक मूर्तियाँ हैं।",{"name":74,"text":75},"पूर्वी और दक्षिणी समूह","शहर से थोड़ी दूरी पर छोटे मंदिर समूह, जिनमें जैन मंदिर भी हैं और जो पश्चिमी समूह से ज़्यादा शांत हैं।",{"name":77,"text":78},"ध्वनि और प्रकाश शो","पश्चिमी समूह में होने वाला शाम का शो, जो मंदिरों की कहानी सुनाता है। वर्तमान समय और उपलब्धता जाँच लें।",{"name":80,"text":81},"पन्ना राष्ट्रीय उद्यान","नदी, जंगल और घाटियों वाला बाघ अभयारण्य, जो शहर से पहुँच के भीतर है। मौसमी बंदी और बुकिंग नियम जाँच लें, और याद रखें कि जानवर दिखने की गारंटी नहीं होती।",{"name":83,"text":84},"खजुराहो नृत्य समारोह","मंदिरों की पृष्ठभूमि में शास्त्रीय भारतीय नृत्य प्रस्तुतियों का एक सप्ताह, जो आमतौर पर फ़रवरी के आसपास होता है।","मंदिरों के पास के रेस्तरां उत्तर भारतीय व्यंजन परोसते हैं, और पर्यटकों के लिए कुछ अंतरराष्ट्रीय विकल्प भी हैं। स्थानीय बुंदेलखंडी मिठाइयाँ और नाश्ते आज़माएँ, और कई जगह शाकाहारी थाली मिलती है।",[87,88,89,90],"जहाँ मंदिरों में अब भी पूजा होती है वहाँ शालीन कपड़े पहनें और जूते उतारें, और मूर्तियों का सम्मान करें।","गर्मी से बचने के लिए सुबह जल्दी या शाम को देर से जाएँ, और पानी व धूप से बचाव साथ रखें।","गाइड नक़्काशी और उनके अर्थ समझाने में मदद कर सकता है; लाइसेंसशुदा गाइड लें और शुरू करने से पहले व्यवस्था तय कर लें।","खजुराहो को ओरछा या पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के साथ जोड़ें, और योजना बनाने से पहले उद्यान के वर्तमान नियम जाँच लें।",[92,95,98],{"q":93,"a":94},"खजुराहो के लिए कितने दिन काफ़ी हैं?","एक पूरे दिन में पश्चिमी समूह और कुछ अन्य मंदिर देखे जा सकते हैं। पूर्वी और दक्षिणी समूह, शाम का शो या पन्ना राष्ट्रीय उद्यान देखना हो तो दो दिन रुकें।",{"q":96,"a":97},"क्या सभी मूर्तियाँ कामुक हैं?","नहीं। नक़्काशी का केवल एक छोटा हिस्सा कामुक है। ज़्यादातर मूर्तियों में देवता, नर्तक, संगीतकार, पशु और रोज़मर्रा के दृश्य हैं।",{"q":99,"a":100},"खजुराहो नृत्य समारोह कब होता है?","यह आमतौर पर फ़रवरी के आसपास होता है, पर तारीख़ें साल दर साल बदलती हैं। योजना बनाने से पहले मध्य प्रदेश पर्यटन की आधिकारिक घोषणाएँ देखें।",{"overview":102,"bestTime":103,"reachAir":104,"reachRail":105,"reachRoad":106,"stay":107,"highlights":108,"food":125,"tips":126,"faqs":131},"खजुराहो हे मध्य प्रदेशातील लहान शहर आहे, जे चंदेल राजवंशाने सुमारे हजार वर्षांपूर्वी बांधलेल्या मध्ययुगीन हिंदू आणि जैन मंदिरांच्या समूहासाठी ओळखले जाते. ही मंदिरे युनेस्को जागतिक वारसा स्थळ आहेत आणि त्यांच्या बारीक दगडी कोरीवकामासाठी व सुंदर स्थापत्यासाठी प्रशंसली जातात. शिल्पांपैकी फक्त थोडा भाग कामुक आहे; बहुतेकांत देव, संगीतकार, नर्तक, प्राणी आणि दैनंदिन जीवनाची दृश्ये आहेत. एक ते दोन दिवस ठेवा.","ऑक्टोबर ते मार्च हा सर्वोत्तम हंगाम आहे, जेव्हा मंदिरांमधून चालत फिरण्यासाठी दिवस सुखद असतात. उन्हाळा खूप उष्ण असतो, आणि पावसाळ्यात पाऊस आणि हिरवाई असते. शास्त्रीय नृत्य महोत्सव सहसा थंडीच्या महिन्यांत, अनेकदा फेब्रुवारीच्या सुमारास होतो, पण तारखा बदलतात, त्यामुळे मध्य प्रदेश पर्यटनाकडे तपासा.","खजुराहोमध्ये लहान विमानतळ आहे, जिथून काही शहरांसाठी विमाने आहेत, आणि ते मंदिरांपासून जवळच आहे. वेळापत्रक बदलत राहते, त्यामुळे सध्याचे मार्ग तपासा.","खजुराहोचे स्वतःचे रेल्वे स्थानक आहे, जिथे मर्यादित सेवा आहेत. सतना आणि झाशीसारख्या मोठ्या स्थानकांवर जास्त गाड्या आहेत आणि तिथून रस्त्याने पोहोचता येते; झाशी दिल्ली-भोपाळ मुख्य मार्गावर आहे.","खजुराहो रस्त्याने झाशी, सतना, पन्ना आणि ओरछा यांच्याशी जोडलेले आहे, आणि या मार्गांवर टॅक्सी आणि बस धावतात. पुरेसा वेळ ठेवा, कारण रस्ते संथ असू शकतात.","हॉटेल्स आणि गेस्टहाउस मंदिरांच्या पश्चिम समूहाजवळ आहेत, ज्यामुळे मुख्य स्थळांपर्यंत चालत जाणे सोपे होते. प्रत्येक बजेटसाठी पर्याय आहेत, आणि शहराच्या काठाकडे अधिक शांत निवासे आहेत.",[109,112,114,117,120,122],{"name":110,"text":111},"मंदिरांचा पश्चिम समूह","सर्वाधिक प्रसिद्ध समूह, ज्यात उंच चौथऱ्यावर मोठी मंदिरे आहेत, त्यात कंदरिया महादेव आणि लक्ष्मण मंदिरांचा समावेश आहे, आणि भिंतींवर समृद्ध कोरीवकाम आहे.",{"name":71,"text":113},"खजुराहोच्या मंदिरांपैकी सर्वात मोठे, शिवाला समर्पित, ज्यात उंच शिखर आणि अनेक शिल्पे आहेत.",{"name":115,"text":116},"पूर्व आणि दक्षिण समूह","शहरापासून थोड्या अंतरावरील लहान मंदिर समूह, ज्यात जैन मंदिरेही आहेत आणि जे पश्चिम समूहापेक्षा अधिक शांत आहेत.",{"name":118,"text":119},"ध्वनी आणि प्रकाश कार्यक्रम","पश्चिम समूहात होणारा संध्याकाळचा कार्यक्रम, जो मंदिरांची कथा सांगतो. सध्याच्या वेळा आणि उपलब्धता तपासा.",{"name":80,"text":121},"नदी, जंगल आणि दऱ्या असलेला व्याघ्र प्रकल्प, जो शहरापासून पोहोचण्याच्या अंतरात आहे. हंगामी बंदी आणि आरक्षण नियम तपासा, आणि लक्षात ठेवा की प्राणी दिसण्याची खात्री नसते.",{"name":123,"text":124},"खजुराहो नृत्य महोत्सव","मंदिरांच्या पार्श्वभूमीवर शास्त्रीय भारतीय नृत्य सादरीकरणांचा एक आठवडा, जो सहसा फेब्रुवारीच्या सुमारास होतो.","मंदिरांजवळील उपाहारगृहांमध्ये उत्तर भारतीय पदार्थ मिळतात, आणि पर्यटकांसाठी काही आंतरराष्ट्रीय पर्यायही आहेत. स्थानिक बुंदेलखंडी मिठाया आणि खाऊ चाखा, आणि अनेक ठिकाणी शाकाहारी थाळी मिळते.",[127,128,129,130],"जिथे मंदिरांत अजूनही पूजा होते तिथे साधे कपडे घाला आणि चपला काढा, आणि शिल्पांचा आदर करा.","उष्णता टाळण्यासाठी सकाळी लवकर किंवा संध्याकाळी उशिरा जा, आणि पाणी व उन्हापासून संरक्षण सोबत ठेवा.","मार्गदर्शक कोरीवकाम आणि त्याचा अर्थ समजावण्यास मदत करू शकतो; परवानाधारक मार्गदर्शक घ्या आणि सुरू करण्यापूर्वी व्यवस्था ठरवा.","खजुराहोला ओरछा किंवा पन्ना राष्ट्रीय उद्यानासोबत जोडा, आणि नियोजन करण्यापूर्वी उद्यानाचे सध्याचे नियम तपासा.",[132,135,138],{"q":133,"a":134},"खजुराहोसाठी किती दिवस पुरेसे आहेत?","एका पूर्ण दिवसात पश्चिम समूह आणि काही इतर मंदिरे पाहून होतात. पूर्व आणि दक्षिण समूह, संध्याकाळचा कार्यक्रम किंवा पन्ना राष्ट्रीय उद्यान पाहायचे असेल तर दोन दिवस थांबा.",{"q":136,"a":137},"सर्व शिल्पे कामुक आहेत का?","नाही. कोरीवकामाचा फक्त थोडा भाग कामुक आहे. बहुतेक शिल्पांत देव, नर्तक, संगीतकार, प्राणी आणि दैनंदिन जीवनाची दृश्ये आहेत.",{"q":139,"a":140},"खजुराहो नृत्य महोत्सव कधी असतो?","तो सहसा फेब्रुवारीच्या सुमारास होतो, पण तारखा दरवर्षी बदलतात. नियोजन करण्यापूर्वी मध्य प्रदेश पर्यटनाच्या अधिकृत घोषणा तपासा."]