[{"data":1,"prerenderedAt":-1},["ShallowReactive",2],{"guide-ayodhya":3,"platform-features":138},{"sources":4,"related":8,"reviewedOn":12,"text":13},[5,6,7],"incredible-india","indian-railways","irctc",[9,10,11],"varanasi","delhi","rishikesh","2026-10-04",{"en":14,"hi":56,"mr":98},{"overview":15,"bestTime":16,"reachAir":17,"reachRail":18,"reachRoad":19,"stay":20,"highlights":21,"food":40,"tips":41,"faqs":46},"Ayodhya on the banks of the Saryu river in Uttar Pradesh is one of Hinduism's seven sacred cities and the birthplace of Lord Ram in tradition. Since the Ram Mandir was consecrated in January 2024, it has become a major pilgrimage destination, with a new airport and a redeveloped railway station. One to two days is enough for the main temples and ghats.","October to March is the most comfortable season. Festival periods such as Ram Navami in spring and Diwali bring very large crowds, and the Deepotsav lamp festival before Diwali is a major event. April to June is hot, and the monsoon brings humid weather and rain.","Maharishi Valmiki International Airport (AYJ) has flights from Delhi and several other cities, and it connects Ayodhya directly to major hubs. Check current schedules, as routes are expanding.","Ayodhya Dham Junction is the main railway station, redeveloped and connected to Lucknow, Delhi, Varanasi and other cities. Several fast and overnight trains serve the route.","Ayodhya is connected by highway to Lucknow, Varanasi, Prayagraj and Gorakhpur, and buses and taxis run regularly. Expect traffic controls and restricted zones near the temple during peak times.","Hotels, guesthouses and dharamshalas are available around the old town and the newer areas, with more options being added. Book early for festivals and weekends, since rooms fill quickly. Staying slightly away from the temple area can mean easier access by road.",[22,25,28,31,34,37],{"name":23,"text":24},"Shri Ram Janmabhoomi Mandir","The grand temple dedicated to Ram Lalla, consecrated in January 2024. Darshan requires following the arrangements set by the temple trust.",{"name":26,"text":27},"Hanuman Garhi","A hilltop temple dedicated to Hanuman, reached by a flight of steps and traditionally visited before the Ram temple.",{"name":29,"text":30},"Kanak Bhawan","A beautiful temple associated with Ram and Sita, known for its ornate interior.",{"name":32,"text":33},"Saryu Ghats","The riverfront at Ram ki Paidi, with bathing ghats, evening aarti and, in the festival season, large crowds and lamps.",{"name":35,"text":36},"Nageshwarnath Temple","An old Shiva temple on the river, believed to be among the city's earliest shrines.",{"name":38,"text":39},"Treta Ke Thakur and Guptar Ghat","Quieter temples and a ghat along the Saryu, associated with episodes from the Ramayana.","Look for sweets such as peda and laddoo offered as prasad, along with kachori, jalebi and simple vegetarian thalis. Many eateries serve vegetarian food only, in keeping with the pilgrimage setting.",[42,43,44,45],"Follow the temple trust's official channels for darshan arrangements, and avoid unofficial booking sites or agents.","Security is strict; mobile phones, bags and electronic items are usually not allowed inside the temple area, so check the current instructions and use cloakrooms provided.","Wear modest clothing and comfortable footwear that is easy to remove, as you will walk a fair distance.","Plan for queues and traffic restrictions, especially on weekends, festivals and Tuesdays and Saturdays at Hanuman Garhi.",[47,50,53],{"q":48,"a":49},"How many days do I need for Ayodhya?","One full day covers the main temple, Hanuman Garhi, Kanak Bhawan and the ghats. Stay two days if you want to avoid rushing or add Lucknow or Varanasi.",{"q":51,"a":52},"Do I need to book darshan in advance?","Arrangements for darshan are set by the temple trust and may change. Check the official information channels before you travel and avoid unofficial sources.",{"q":54,"a":55},"What is the best time of day to visit?","Early morning is usually quieter and cooler. Evening is atmospheric at the Saryu ghats, though weekends and festivals are crowded throughout.",{"overview":57,"bestTime":58,"reachAir":59,"reachRail":60,"reachRoad":61,"stay":62,"highlights":63,"food":82,"tips":83,"faqs":88},"उत्तर प्रदेश में सरयू नदी के किनारे बसी अयोध्या हिंदू धर्म की सात पवित्र नगरियों में से एक है और परंपरा के अनुसार भगवान राम की जन्मभूमि है। जनवरी 2024 में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह एक प्रमुख तीर्थ गंतव्य बन गई है, जहाँ नया हवाई अड्डा और पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन है। मुख्य मंदिरों और घाटों के लिए एक से दो दिन काफ़ी हैं।","अक्टूबर से मार्च सबसे आरामदायक मौसम है। वसंत में रामनवमी और दिवाली जैसे त्योहारों के समय बहुत भारी भीड़ रहती है, और दिवाली से पहले का दीपोत्सव एक बड़ा आयोजन है। अप्रैल से जून गर्म रहता है, और मानसून में उमस और बारिश होती है।","महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (AYJ) से दिल्ली और कई अन्य शहरों की उड़ानें हैं, और यह अयोध्या को प्रमुख केंद्रों से सीधे जोड़ता है। मौजूदा समय-सारणी देख लें, क्योंकि मार्ग बढ़ रहे हैं।","अयोध्या धाम जंक्शन मुख्य रेलवे स्टेशन है, जिसका पुनर्विकास हुआ है और जो लखनऊ, दिल्ली, वाराणसी तथा अन्य शहरों से जुड़ा है। इस मार्ग पर कई तेज़ और रात की ट्रेनें चलती हैं।","अयोध्या राजमार्ग से लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर से जुड़ी है, और नियमित बसें व टैक्सियाँ चलती हैं। व्यस्त समय में मंदिर के पास यातायात नियंत्रण और प्रतिबंधित क्षेत्रों की उम्मीद रखें।","पुराने शहर और नए इलाक़ों में होटल, गेस्टहाउस और धर्मशालाएँ मिलती हैं, और विकल्प बढ़ रहे हैं। त्योहारों और सप्ताहांतों के लिए जल्दी बुक करें, क्योंकि कमरे जल्दी भर जाते हैं। मंदिर क्षेत्र से थोड़ा दूर ठहरने पर सड़क से पहुँचना आसान हो सकता है।",[64,67,70,73,76,79],{"name":65,"text":66},"श्री राम जन्मभूमि मंदिर","रामलला को समर्पित भव्य मंदिर, जिसकी प्राण प्रतिष्ठा जनवरी 2024 में हुई। दर्शन के लिए मंदिर ट्रस्ट की तय व्यवस्था का पालन करना होता है।",{"name":68,"text":69},"हनुमान गढ़ी","हनुमान जी को समर्पित पहाड़ी की चोटी का मंदिर, जहाँ सीढ़ियों से पहुँचा जाता है और जहाँ परंपरागत रूप से राम मंदिर से पहले दर्शन किए जाते हैं।",{"name":71,"text":72},"कनक भवन","राम और सीता से जुड़ा सुंदर मंदिर, जो अपने अलंकृत भीतरी हिस्से के लिए जाना जाता है।",{"name":74,"text":75},"सरयू घाट","राम की पैड़ी का नदी तट, जहाँ स्नान घाट, शाम की आरती और त्योहारों के मौसम में बड़ी भीड़ व दीपों की सजावट होती है।",{"name":77,"text":78},"नागेश्वरनाथ मंदिर","नदी के किनारे पुराना शिव मंदिर, जिसे शहर के शुरुआती मंदिरों में से एक माना जाता है।",{"name":80,"text":81},"त्रेता के ठाकुर और गुप्तार घाट","सरयू के किनारे शांत मंदिर और घाट, जो रामायण के प्रसंगों से जुड़े हैं।","प्रसाद के रूप में चढ़ाए जाने वाले पेड़े और लड्डू जैसी मिठाइयाँ, साथ में कचौड़ी, जलेबी और सादी शाकाहारी थाली खोजें। तीर्थ के माहौल के अनुरूप कई भोजनालय केवल शाकाहारी भोजन परोसते हैं।",[84,85,86,87],"दर्शन की व्यवस्था के लिए मंदिर ट्रस्ट के आधिकारिक माध्यमों का पालन करें, और अनधिकृत बुकिंग साइट या एजेंटों से बचें।","सुरक्षा सख़्त है; मोबाइल फ़ोन, बैग और इलेक्ट्रॉनिक सामान आमतौर पर मंदिर क्षेत्र के अंदर ले जाना मना है, इसलिए मौजूदा निर्देश देख लें और दिए गए क्लॉकरूम का उपयोग करें।","शालीन कपड़े और आसानी से उतारे जा सकने वाले आरामदायक जूते-चप्पल पहनें, क्योंकि काफ़ी दूरी पैदल चलनी होगी।","कतारों और यातायात प्रतिबंधों के लिए तैयार रहें, ख़ासकर सप्ताहांत, त्योहारों और हनुमान गढ़ी पर मंगलवार व शनिवार को।",[89,92,95],{"q":90,"a":91},"अयोध्या के लिए कितने दिन चाहिए?","एक पूरे दिन में मुख्य मंदिर, हनुमान गढ़ी, कनक भवन और घाट देखे जा सकते हैं। जल्दबाज़ी से बचना हो या लखनऊ या वाराणसी जोड़ना हो तो दो दिन रुकें।",{"q":93,"a":94},"क्या दर्शन के लिए पहले से बुकिंग ज़रूरी है?","दर्शन की व्यवस्था मंदिर ट्रस्ट तय करता है और यह बदल सकती है। यात्रा से पहले आधिकारिक सूचना माध्यम देखें और अनधिकृत स्रोतों से बचें।",{"q":96,"a":97},"दर्शन के लिए दिन का सबसे अच्छा समय कौन सा है?","सुबह जल्दी आमतौर पर शांत और ठंडी होती है। शाम को सरयू घाटों पर माहौल सुंदर होता है, हालाँकि सप्ताहांत और त्योहारों में पूरे समय भीड़ रहती है।",{"overview":99,"bestTime":100,"reachAir":101,"reachRail":102,"reachRoad":103,"stay":104,"highlights":105,"food":122,"tips":123,"faqs":128},"उत्तर प्रदेशात शरयू नदीच्या काठावर वसलेली अयोध्या ही हिंदू धर्मातील सात पवित्र नगरींपैकी एक आहे आणि परंपरेनुसार प्रभू रामाची जन्मभूमी आहे. जानेवारी २०२४ मध्ये राम मंदिराची प्राणप्रतिष्ठा झाल्यापासून ते एक प्रमुख तीर्थस्थान बनले आहे, जिथे नवे विमानतळ आणि पुनर्विकसित रेल्वे स्थानक आहे. मुख्य मंदिरे आणि घाटांसाठी एक ते दोन दिवस पुरेसे आहेत.","ऑक्टोबर ते मार्च हा सर्वात आरामदायक हंगाम आहे. वसंतातील रामनवमी आणि दिवाळीसारख्या सणांच्या काळात खूप मोठी गर्दी असते, आणि दिवाळीपूर्वीचा दीपोत्सव हा मोठा कार्यक्रम आहे. एप्रिल ते जून उष्ण असतो, आणि पावसाळ्यात दमट हवामान आणि पाऊस असतो.","महर्षी वाल्मीकी आंतरराष्ट्रीय विमानतळ (AYJ) येथून दिल्ली आणि इतर अनेक शहरांतून विमाने आहेत, आणि ते अयोध्येला प्रमुख केंद्रांशी थेट जोडते. सध्याचे वेळापत्रक तपासा, कारण मार्ग वाढत आहेत.","अयोध्या धाम जंक्शन हे मुख्य रेल्वे स्थानक आहे, ज्याचा पुनर्विकास झाला आहे आणि जे लखनऊ, दिल्ली, वाराणसी व इतर शहरांशी जोडलेले आहे. या मार्गावर अनेक वेगवान आणि रात्रीच्या गाड्या धावतात.","अयोध्या महामार्गाने लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज आणि गोरखपूरशी जोडलेली आहे, आणि नियमित बस व टॅक्सी धावतात. गर्दीच्या वेळी मंदिराजवळ वाहतूक नियंत्रण आणि प्रतिबंधित क्षेत्रांची अपेक्षा ठेवा.","जुन्या शहरात आणि नव्या भागांत हॉटेल्स, गेस्टहाउस आणि धर्मशाळा मिळतात, आणि पर्याय वाढत आहेत. सण आणि आठवड्याच्या शेवटासाठी लवकर आरक्षण करा, कारण खोल्या लवकर भरतात. मंदिर परिसरापासून थोडे दूर राहिल्यास रस्त्याने पोहोचणे सोपे होऊ शकते.",[106,109,112,114,117,119],{"name":107,"text":108},"श्री राम जन्मभूमी मंदिर","रामलल्लांना समर्पित भव्य मंदिर, ज्याची प्राणप्रतिष्ठा जानेवारी २०२४ मध्ये झाली. दर्शनासाठी मंदिर न्यासाने ठरवलेल्या व्यवस्थेचे पालन करावे लागते.",{"name":110,"text":111},"हनुमान गढी","हनुमानाला समर्पित डोंगरमाथ्यावरील मंदिर, जिथे पायऱ्यांनी पोहोचावे लागते आणि जिथे परंपरेने राम मंदिराच्या आधी दर्शन घेतले जाते.",{"name":71,"text":113},"राम आणि सीतेशी संबंधित सुंदर मंदिर, जे आपल्या सुशोभित आतील भागासाठी ओळखले जाते.",{"name":115,"text":116},"शरयू घाट","रामकी पैडी येथील नदीकाठ, जिथे स्नान घाट, संध्याकाळची आरती आणि सणांच्या हंगामात मोठी गर्दी व दिव्यांची सजावट असते.",{"name":77,"text":118},"नदीकाठचे जुने शिवमंदिर, जे शहरातील सुरुवातीच्या मंदिरांपैकी एक मानले जाते.",{"name":120,"text":121},"त्रेता के ठाकूर आणि गुप्तार घाट","शरयूच्या काठावरील शांत मंदिरे आणि घाट, जे रामायणातील प्रसंगांशी जोडलेले आहेत.","प्रसाद म्हणून अर्पण केले जाणारे पेढे आणि लाडू यांसारखी मिठाई, तसेच कचोरी, जिलबी आणि साधी शाकाहारी थाळी शोधा. तीर्थस्थानाच्या वातावरणाला अनुसरून अनेक उपाहारगृहे केवळ शाकाहारी जेवण देतात.",[124,125,126,127],"दर्शन व्यवस्थेसाठी मंदिर न्यासाच्या अधिकृत माध्यमांचे पालन करा, आणि अनधिकृत आरक्षण संकेतस्थळे किंवा एजंट टाळा.","सुरक्षा कडक आहे; मोबाइल फोन, बॅग आणि इलेक्ट्रॉनिक वस्तू साधारणपणे मंदिर परिसरात नेता येत नाहीत, त्यामुळे सध्याच्या सूचना तपासा आणि दिलेल्या क्लॉकरूमचा वापर करा.","साधे कपडे आणि सहज काढता येणारी आरामदायक पादत्राणे घाला, कारण बऱ्यापैकी अंतर चालावे लागेल.","रांगा आणि वाहतूक निर्बंधांसाठी तयार राहा, विशेषतः आठवड्याच्या शेवटी, सणांमध्ये आणि हनुमान गढीवर मंगळवारी व शनिवारी.",[129,132,135],{"q":130,"a":131},"अयोध्येसाठी किती दिवस हवेत?","एका पूर्ण दिवसात मुख्य मंदिर, हनुमान गढी, कनक भवन आणि घाट पाहून होतात. घाई टाळायची असेल किंवा लखनऊ अथवा वाराणसी जोडायचे असेल तर दोन दिवस थांबा.",{"q":133,"a":134},"दर्शनासाठी आधी आरक्षण करणे आवश्यक आहे का?","दर्शनाची व्यवस्था मंदिर न्यास ठरवतो आणि ती बदलू शकते. प्रवासापूर्वी अधिकृत माहिती माध्यमे तपासा आणि अनधिकृत स्रोत टाळा.",{"q":136,"a":137},"भेटीसाठी दिवसाची सर्वोत्तम वेळ कोणती?","पहाटे साधारणपणे शांत आणि थंड असते. संध्याकाळी शरयू घाटांवर वातावरण सुंदर असते, जरी आठवड्याच्या शेवटी आणि सणांमध्ये दिवसभर गर्दी असते.",true]